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लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं,

  लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं , मेरी शोहरत किसी के            नाम की मोहताज नहीं Attitude Shayari, log mujhe apane honthon  se lagae hue hain,  meree shoharat kisee ke  naam kee mohataaj nahin

aap chaahe kitane bhee achchhe kaam karen,hindi suvichar

हैलो दोस्तों शायरी सुनना किसको पसंद नहीं है. पहले तो कविता और शायरी और गाने ही लोगों के मनोरंजन के साधन होते थे. पहले लोग यारों दोस्तों के साथ बैठकर इसका आनंद लेते थे लेकिन अब इसका स्वरूप बदल गया है. अब लोग मोबाइल पर इसे शेयर करके आनंद लेते हैं.

शायरी कविता की एक विशेष रूप होती है। इसमें भावनाएं, आदर्श, या विचारों को सुंदर और संगठित ढंग से व्यक्त किया जाता है. शायरी में अक्सर भावुकता, प्यार, दर्द, या जीवन के मुद्दों को व्यक्त करने का प्रयास किया जाता है. यह एक कला के रूप में मानी जाती है. इसे अपनी शैली, रचना और व्यंग्य के आधार पर चरित्रित किया जा सकता है. शायरी को अक्सर उच्चतम रस की एक व्यक्ति माना जाता है. इसे सुनने या पढ़ने से आनंद और आत्मा की शांति मिलती है.

दोस्तों आज मैं इस पोस्ट में एक बेहतरी शायरी लेकर आया हूं. इसे आप जरूर पढ़ना चाहेंगे. अगर ये पसंद आए तो अपने दोस्तों को भी शेयर करें.

 आप चाहे कितने भी अच्छे काम करेँ..

या कितने भी अच्छे इंसान हो..।

किन्तु दुर्जन और दुष्ट व्यक्ति सदैव 

आपके दोष खोजने मेँ व्यस्त रहते हैँ


https://shayariek.blogspot.com/2021/07/aap-chaahe-kitane-bhee-achchhe-kaam.html
hindi - suvichar

aap chaahe kitane bhee achchhe kaam karen..

ya kitane bhee achchhe insaan ho...

kintu durjan aur dusht vyakti sadaiv 

aapake dosh khojane men vyast rahate hain


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"vakt ke saath rishte naye jodate rahiye, dosti shayari,

मीर तक़ी मीर (Mir Taqi Mir) भारतीय उर्दू कवि थे और उन्हें उर्दू शायरी के महान कवियों में से एक माना  जाता है। वे 18वीं सदी के अंत में और 19वीं सदी की शुरुआत में जन्मे और उनका जन्म स्थान दिल्ली में था। मीर तक़ी मीर का जीवन बहुत ही रोमांचक और कविता से भरपूर था। उन्होंने अपने काव्य में जीवन के रंग-रूप और भावनाओं को बखूबी व्यक्त किया। उनकी कविताएँ आम लोगों के दिलों को छूने वाली थीं और वे आधुनिक उर्दू शायरी के प्रमुख प्रतिनिधित्व में हैं। मीर तक़ी मीर की जीवनी में कुछ मुख्य तथ्य हैं: शायरी की शुरुआत: मीर तक़ी मीर ने अपनी शायरी करियर की शुरुआत नवाब आसफ़ उद्दौला के दरबार में कियी थी, जो दिल्ली के उस समय के मशहूर शायरों के आस-पास हुआ करते थे। आर्थिक कठिनाइयाँ: मीर का जीवन आर्थिक कठिनाइयों से भरपूर रहा है। उन्होंने कई बार गरीबी और आर्थिक संकट का सामना किया और इसका प्रतिबिम्ब उनकी कविताओं में मिलता है। व्यक्तिगत जीवन: मीर तक़ी मीर का व्यक्तिगत जीवन भी दुखभरा रहा है। उनकी प्रेम कविताओं में अकेलेपन, प्यार, और दर्द के बारे में बड़े ही आदर्श ढंग से व्यक्त किया गया है। उर्दू शायरी में योगदान: मीर...

अच्छा सोचिए अच्छा बोलिए

     अच्छा सोचिए अच्छा बोलिए और            अच्छा कीजिए क्योंकि              सब आपके पास लौटकर आता है                              Good morning