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लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं,

  लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं , मेरी शोहरत किसी के            नाम की मोहताज नहीं Attitude Shayari, log mujhe apane honthon  se lagae hue hain,  meree shoharat kisee ke  naam kee mohataaj nahin

Khushi Ki Aaadh Mein Apne Ghamon Ko Chupa Liya

  Khushi Ki Aaadh Mein Apne Ghamon Ko Chupa Liya Zindagi Ka Matlab Aapne Bata Diya, Har Gam Ka Matlab Aapne Samjha Diya. Aap To Ro-Kar Bhi Apne Gamon Ko Halka Na Kar Sake, Humne Khushi Ki Aaadh Mein Apne Ghamon Ko Chupa Liya. dard shayari

घर से तो निकले थे हम

 " असरार-उल-हक़ मजाज़" एक प्रमुख उर्दू कविता है , जिसे मीर्ज़ा ग़ालिब ( Mirza Ghalib) ने लिखा था। यह कविता उर्दू साहित्य का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है और ग़ालिब की कला का प्रतीक है। " असरार-उल-हक़ मजाज़" का अर्थ होता है "सच के राज़ और गुप्त संकेत"। इस कविता में ग़ालिब ने अपने जीवन , प्रेम , और दुखों के बारे में अपने भावनात्मक अनुभवों को व्यक्त किया है। यह कविता उनकी अद्वितीय भावनाओं और उर्दू भाषा के जादूमयी सौंदर्य को प्रकट करती है। मीर्ज़ा ग़ालिब के कविता साहित्य में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं , और उन्होंने उर्दू कविता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। "असरार-उल-हक़ मजाज़" उनके उत्कृष्ट और सुंदर रचनाओं में से एक है , जो आज भी पठन्तरों और अनुवादों के माध्यम से पढ़ी और प्रेम की जाती है। असरार-उल-हक़ मजाज़" ( Asrar-ul-Haq Majaz) भारतीय उर्दू भाषा के कवि और शाइर थे जिन्होंने अपने काव्य के माध्यम से सामाजिक और साहित्यिक विचारों का अभिव्यक्ति किया। उनका जन्म 19 اکتوبر 1911 को आलीगढ़ , उत्तर प्रदेश , ब्रिटिश भारत में हुआ था , और...

आराम से कट रही थी तो अच्छी थी

 "असअद बदायुनी" एक प्रसिद्ध उर्दू शायर थे। उनका जन्म 17 फरवरी 1927 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के बदायूं शहर में हुआ था, और उनका नाम सय्यद محمد حسن محدیآس الحسینی (Saiyad Mohammad Hasan Mehdi Ahsan ul Husaini) था। वे उर्दू और हिंदी भाषा में शेर (शेरों की कविताएँ) लिखते थे और उनकी कविताएँ उर्दू शायरी के प्रसिद्ध उपन्यासों और कविता संग्रहों में प्रकाशित हुई हैं। वे उर्दू लेखक और शायर के रूप में अपने काम के लिए मशहूर हुए। असअद बदायुनी की कविताएँ और शेर उनकी मानसिकता, समाज, प्रेम, और जीवन के विभिन्न पहलुओं को छूने का प्रयास करती हैं। उन्होंने अपनी कल्पना के साथ खुद को अभिव्यक्ति देने के लिए शायरी का साधना किया और उनके काव्य कृतियाँ उर्दू और हिंदी कविता में महत्वपूर्ण हैं। असअद बदायुनी के शेरों और कविताओं का अधिक अध्ययन करने के लिए, आप उनकी कविताओं के संग्रहों को खोज सकते हैं और उनके विचारों को समझ सकते हैं। आराम से कट रही थी तो अच्छी थी , जिंदगी तू कहाँ इन आँखों की , बातों में आ गयी.....!!! Dard - shayari

तेरी यादों की कोई सरहद

 लाला माधव राम जौहर (Lala Madhav Ram Jauhar) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक थे, और वे एक प्रमुख शायर भी थे। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में से एक थे और वे अपने कविताओं और शेरों के माध्यम से जनमानस को स्वतंत्रता संग्राम की भावना को प्रोत्साहित करने का कार्य किया। लाला माधव राम जौहर के कविताएँ और शेर उनके विशेषत:टे, प्रेरणास्पद, और स्वतंत्रता संग्राम के लिए समर्पित थे। उन्होंने अपनी कल्पना के साथ भाषा का सुंदर उपयोग किया और विभिन्न विषयों पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। लाला माधव राम जौहर ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही उर्दू और हिंदी साहित्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनकी कविताएँ आज भी उनके योगदान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था खबर तो रहती सफर     तय कितना करना है...... dard - shayari

कितने मसरूफ़ हैं हम जिंदगी

 अहमद मुश्ताक़ (Ahmad Mushtaq) एक प्रसिद्ध उर्दू शायर थे जो भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के लखनऊ में 1938 में पैदा हुए थे और 2015 में उनके निधन हुआ। वे उर्दू और हिंदी में कविताएँ और शेर लिखते थे और उनके काव्य में व्यक्तिगत और सामाजिक मुद्दे पर विचार किए जाते थे। अहमद मुश्ताक़ की कविताएँ और शेर उनकी भावनाओं, समाजिक समस्याओं, प्रेम, और जीवन के विभिन्न पहलुओं को छूने का प्रयास करती हैं।  वे उर्दू और हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए मशहूर हुए और उनकी कविताएँ आज भी उर्दू और हिंदी कविता प्रेमियों के बीच प्रसंसा प्राप्त कर रही हैं।अहमद मुश्ताक़ (Ahmad Mushtaq) एक जाने-माने उर्दू शायर थे।  उन्होंने अपनी कविताओं और शेरों के माध्यम से उर्दू साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किया। उनका काव्य गुलज़ारी-ए-अहमद के नाम से मशहूर है, और इसमें उनकी कविताएँ और शेर शामिल हैं। अहमद मुश्ताक़ की कविताएँ और शेर अमन, मोहब्बत, और जीवन के विभिन्न पहलुओं को छूने का प्रयास करते हैं। उनके काव्य में उनकी कल्पना और भाषा का सुंदर उपयोग होता है, जिससे उनकी कविताएँ और शेर उपन्यासों के प्रशंस...

वो शख्स फिर से मुझे तोड़ गया आज

  वो शख्स फिर से मुझे तोड़ गया आज                  जिसे कभी हम पूरी दुनिया कहा करते थे …..!!! dard - shayari

मुझे नींद की इजाज़त भी उसकी

  मुझे नींद की इजाज़त भी उसकी       यादों से लेनी पड़ती है ,        जो खुद तो सो जाता है ,       मुझे करवटों में छोड़ कर......!!! dard - shayari

हँस कर दर्द छुपाने की

     हँस कर दर्द छुपाने की              कारीगरी मशहूर है मेरी ,                            पर कोई हुनर काम नहीं आता ,         जब तेरा नाम आता हैं …...!!! dard - shayari