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लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं,

  लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं , मेरी शोहरत किसी के            नाम की मोहताज नहीं Attitude Shayari, log mujhe apane honthon  se lagae hue hain,  meree shoharat kisee ke  naam kee mohataaj nahin

अच्छा सोचिए अच्छा बोलिए

     अच्छा सोचिए अच्छा बोलिए और            अच्छा कीजिए क्योंकि              सब आपके पास लौटकर आता है                              Good morning

ज़िन्दगी एक हसीन ख्वाब है

         ज़िन्दगी एक हसीन ख्वाब है             जिसमे जीने की चाहत होनी चाहिए             गम खुद ही खुशी में बदल जायेंगे सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिए                        Good morning

रिश्ते मोतियों की तरह होते हैं

               रिश्ते मोतियों  की तरह होते हैं                    अगर कोई गिर  भी जाए तो                       झुक के उठा लेना  चाहिए                                  good morning

किसी के आगे इतना भी मत झुको कि वह आपको उठने का एक मौका भी ना दे…

  किसी के आगे इतना भी मत झुको कि वह आपको उठने का एक मौका भी ना दे… झुकना है तो अपने भगवान और मां-बाप के आगे झुको  क्योंकि जितना आप उनके आगे झूकोगे आप उतना ही ऊपर उठोगे….. kisee ke aage itana bhee mat jhuko ki vah aapako uthane ka ek mauka bhee na de…  jhukana hai to apane bhagavaan aur maan-baap ke aage  jhuko kyonki jitana aap unake aage jhookoge aap utana hee oopar uthoge….

jab vichaar, praarthana aur , Good Morning

मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) भारतीय उर्दू शायर और कवि थे, जो 18वीं और 19वीं सदी के बीच जीते थे।  वे उर्दू शायरी के महान कवि में से एक माने जाते हैं और उनकी कविताएँ आज भी उर्दू  साहित्य के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में मान्य जाती हैं। मिर्ज़ा ग़ालिब का जीवन परिचय निम्नलिखित है: जन्म: मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 को मुग़ल साम्राज्य के दिल्ली में हुआ था। व्यक्तिगत जीवन: ग़ालिब का व्यक्तिगत जीवन कई मुश्किलों से भरपूर रहा। उन्होंने कई बार आर्थिक संकटों का सामना किया और उनके जीवन में व्यक्तिगत दुखभरा महसूस किया गया। कविता कार्य: मिर्ज़ा ग़ालिब ने उर्दू शायरी में अपनी अनोखी पहचान बनाई। उनकी कविताएँ विशेष रूप से ग़ज़लों और शेरों की रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अपने काव्य में मोहब्बत, विरह, और मानवी जीवन के विभिन्न पहलुओं को अत्यधिक अद्वितीय तरीके से व्यक्त किया। शायरी की महत्वपूर्ण योगदान: मिर्ज़ा ग़ालिब को उर्दू शायरी के सितारों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उनके शेर और ग़ज़लें आज भी कविता प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध हैं और उनका काव्य उर्दू साहित्य की महत्वपूर्ण धारा को प...

ummeed se bharee ek ,Good morning

अल्लामा मुहम्मद इकबाल ( Allama Muhammad Iqbal) पाकिस्तान के महान शायर , फिलोसफर , और सियासी विचारक थे। वे उर्दू और परसी भाषाओं के महान कवि में से एक माने जाते हैं और उन्होंने अपनी शायरी के माध्यम से भारतीय और पाकिस्तानी युगों के लिए रोशनी की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान किया। यहां अल्लामा इकबाल का जीवन परिचय दिया गया है: जन्म और शिक्षा: अल्लामा इकबाल का जन्म 9 नवंबर 1877 को ब्रिटिश भारत के सियालकोट (अब पाकिस्तान का हिस्सा) में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लाहौर और कराची में पूरी की , और फिर वे इंग्लैंड के केम्ब्रिज और म्यूनिख के म्यूनिख विश्वविद्यालय से विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए गए। शायरी करियर: अल्लामा इकबाल ने उर्दू और परसी में अपनी उद्गारणात्मक शायरी की शुरुआत की , और उन्होंने अपने शेर और ग़ज़लों में तात्त्विकता , मानवीयता , और दार्शनिक विचारों को अद्वितीय तरीके से जोड़ा। उनकी कविताएँ मानवी अधिकार , आजादी , और समाजिक न्याय के मुद्दों पर आधारित थीं।   सियासी योगदान: अल्लामा इकबाल ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय भारतीय मुस्लिम समुदाय के लिए एक मान्यता प्राप्त की...