सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं,

  लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं , मेरी शोहरत किसी के            नाम की मोहताज नहीं Attitude Shayari, log mujhe apane honthon  se lagae hue hain,  meree shoharat kisee ke  naam kee mohataaj nahin

Dil se teree yaad ko juda to nahin kiya, SORRY Shayari

निदा फ़ाज़ली (Nida Fazli) एक प्रमुख भारतीय उर्दू और हिंदी कवि थे। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1938 को दिल्ली, भारत में हुआ था और उनकी मृत्यु 8 फरवरी 2016 को मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुई। वे एक प्रमुख शायर और गीतकार भी थे। निदा फ़ाज़ली की कविताएँ और गीत उनकी भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने काव्य में प्यार, जीवन, समाजिक मुद्दे, और धार्मिकता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।उनकी कविताएँ और गीत भारतीय साहित्य और संगीत के मैदान में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में मान्य जाते हैं।

दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,            

   रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,

     हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,

           हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया.... ।


https://shayariek.blogspot.com/2021/07/dil-se-teree-yaad-ko-juda-to-nahin-kiya.html
SORRY -  Shayari


dil se teree yaad ko juda to nahin kiya,            

   rakha jo tujhe yaad kuchh bura to nahin kiya,

     ham se too naaraaz hain kis liye bata jara,

           hamane kabhee tujhe khapha to nahin kiya.... .

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं,

  लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं , मेरी शोहरत किसी के            नाम की मोहताज नहीं Attitude Shayari, log mujhe apane honthon  se lagae hue hain,  meree shoharat kisee ke  naam kee mohataaj nahin

बुला कर तुम ने महफ़िल में

  बुला कर तुम ने महफ़िल में     हमें ग़ैरों से उठवाया  हमीं ख़ुद उठ गए होते       इशारा कर दिया होता ….....!!! love - shayari

"vakt ke saath rishte naye jodate rahiye, dosti shayari,

मीर तक़ी मीर (Mir Taqi Mir) भारतीय उर्दू कवि थे और उन्हें उर्दू शायरी के महान कवियों में से एक माना  जाता है। वे 18वीं सदी के अंत में और 19वीं सदी की शुरुआत में जन्मे और उनका जन्म स्थान दिल्ली में था। मीर तक़ी मीर का जीवन बहुत ही रोमांचक और कविता से भरपूर था। उन्होंने अपने काव्य में जीवन के रंग-रूप और भावनाओं को बखूबी व्यक्त किया। उनकी कविताएँ आम लोगों के दिलों को छूने वाली थीं और वे आधुनिक उर्दू शायरी के प्रमुख प्रतिनिधित्व में हैं। मीर तक़ी मीर की जीवनी में कुछ मुख्य तथ्य हैं: शायरी की शुरुआत: मीर तक़ी मीर ने अपनी शायरी करियर की शुरुआत नवाब आसफ़ उद्दौला के दरबार में कियी थी, जो दिल्ली के उस समय के मशहूर शायरों के आस-पास हुआ करते थे। आर्थिक कठिनाइयाँ: मीर का जीवन आर्थिक कठिनाइयों से भरपूर रहा है। उन्होंने कई बार गरीबी और आर्थिक संकट का सामना किया और इसका प्रतिबिम्ब उनकी कविताओं में मिलता है। व्यक्तिगत जीवन: मीर तक़ी मीर का व्यक्तिगत जीवन भी दुखभरा रहा है। उनकी प्रेम कविताओं में अकेलेपन, प्यार, और दर्द के बारे में बड़े ही आदर्श ढंग से व्यक्त किया गया है। उर्दू शायरी में योगदान: मीर...